क्या?

आज कल हवाओं में वो खुशबू नही रही,
तूने वो फूलो का पुराना कारोबार छोड़ दिया क्या?
अब तो वो रास्ते भी तेरे बारे में पूछते हैं मुझसे,
कारोबार तो छोड़ा सही,
तूने वो बागीचे में आना जाना भी छोड़ दिया क्या?

आजकल तेरे ख्वाब भी नही आते मुझे रातों में,
तूने वो ख्वाबों का खरीद फरोख्त छोड़ दिया क्या?
अब तो नींद भी कम ही आने लगी है,
ख्वाबो को छोड़ो,
तूने नींद चुराने का नया काम शुरू कर दिया क्या?

आजकल बेघर सा महसूस कर रहा हूँ मैं,
तूने अपने दिल से मेरी यादों को निकाल दिया क्या?
अब तो वक़्त बेवक़्त हिचकियाँ भी नही आती हैं,
निकाला तो सही,
बेचारी यादों के पास बैठना भी छोड़ दिया क्या?

छोड़ जाने दे सवालो की फेहरिस्त लंबी है मेरी,
बस इतना बता,
वो भी यूँ ही बेवजह तुझे चाहता है क्या?

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Na mukkamal…

हक़ तू इस क़दर जताती थी मुझपे,
हर लम्हा अब, नामुक्कमल जी रहा हूँ मैं….

Satyam

आईना

इस बार मुझे अपना अक़्स नही दिखा तेरी आँखों में,

वो ख्वाब का आईना तोड़ दिया होगा तूने शायद….

Satyam

That Kiss In The Rain

That was not the only first kiss in the rain…

I just wanted to see you one more time,
That was why I faintly uttered a word ‘Listen’….

You turned , in a glimpse you touched my lips with yours…
I saw the diamonds dropping from the end of your hairs…
I find myself as the luckiest person, whenever it rains….

That was the only time you were so close to me,
I remember you by the perfume you wore that day….
That essence , I can still smell whenever it rains…

You took the hair behind the ear from your face,
I love that look…..You just smiled and left me alone, taking away a pace….
That tears , no one sees but, It still drops whenever it rains…

That kiss in the rain, I can still feel whenever it rains…

– SATYAM

#ThatKissInTheRain

#MemoryTheTrueFellowTraveller

@ The book “That kiss in the Rain” by Navoneel C. The title reminds me of a 7yr old memory and these lines describe the same.